बुधवार, 21 मार्च 2012

पपीहा; पिया को तलाशता हुआ एक पक्षी


बोले रे पपिहरा ............
पिया बोले पीहू बोले ...........
हिंदी फिल्मो के ये गीत कभी आपने सुने होंगे , मगर इस पपिहरा या पीहू को देखा सुना कभी ?
अगर हाँ तो अच्छी बात है , अगर नही तो कोई बात नही आज मैं आपकी मुलाकात इस मधुर आवाज वाले पक्षी से करवाता हूँ । हिंदी फिल्मो में ही नही हिंदी साहित्य में भी ये पक्षी बहुत लोकप्रिय है । इस कर्णप्रिय आवाज वाले पक्षी को अंग्रेजी में 'ब्रेन फीवर बर्ड ' कहा जाता है । इसकी आवाज के आधार पर अलग अलग भाषा के लोगो द्वारा इसे अलग परिभाषित किया गया है । हिंदी भाषा के लोग मानते है , कि पपीहा अपने प्रियतम को ढूढने के लिए " पिया कहाँ " पुकारता है । जबकि बंगाली लोगो का मानना है, कि ये "चोख गेलो' ( मेरी आँख चली गयी ) कहता है। वहीँ मराठी लोगो का मानना है , कि ये "पयोस आला' ( वरिश आने वाली है ) चिल्लाता है । लेकिन अगर ध्यान से सुना जाये तो हिंदी का "पिया कहाँ " या "पी कहाँ " या "पपीहा " ही इसकी बोली "पी-पियह " के ज्यादा नजदीक है । पिया को पुकारने के कारण ही हिंदी साहित्य के कवियों ने प्रियतम के विछोह या मिलन के सन्दर्भ में इस पक्षी बहुत प्रयोग किया है । हिंदी फिल्मो में भी कई गीतकारो ने पपीहा का अपने गीतों में सुन्दर प्रयोग किया है ।
पक्षियों में चील परिवार का यह मध्यम आकर वाला सदस्य लगभग कबूतर के आकर का होता है । सामान्यतया यह दूर से देखने में चील जैसा लगता है । यह दक्षिण एशिया में बड़ी आसानी से दिखाई देता है । कुछ अंग्रेजी लेखको ने इसे एशियन कोयल भी कहा है। भारत के अलावा यह पाकिस्तान, बंगलादेश और श्रीलंका में भी मिलता है । भूरे रंग वाला ये पक्षी देखने में तो बहुत ज्यादा सुन्दर तो नही होता , मगर इसकी आवाज के कारण यह बहुत लोकप्रिय होता है । यह चांदनी रातो में , सुबह और दोपहर में अपनी सुरीली आवाज में गाता है, कहते इसका बोलना वर्षा के आगमन का सूचक होता है । इसके बारे में एक मिथक ये भी है , कि ये सिर्फ स्वाति नक्षत्र के बरसने वाले जल से ही अपनी प्यास बुझाता है , और फिर वर्ष भर चिल्लाता है , प्यासा हूँ , प्यासा हूँ । यह ग्रीष्म ऋतू के बाद मानसून के पूर्व अपनी मधुर ध्वनि निकलने लगता है ।अपनी सुमधुर ध्वनि में ये रुक रुक कर पांच या छः बार पी-पियह , पी-पियह कहता है । मानों वर्षा के स्वागत में ख़ुशी से गीत गा रहा हो.........

6 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी पोस्ट कल 22/3/2012 के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    http://charchamanch.blogspot.com
    चर्चा - 826:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

    उत्तर देंहटाएं
  2. सच में, यहां आकर इस पक्षी के बारे में बहुत-सी जानकारी मिली।

    उत्तर देंहटाएं

ab apki baari hai, kuchh kahne ki ...

orchha gatha

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