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ओरछा महामिलन की अंतिम बेला के अविस्मरणीय क्षण

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ओरछा महामिलन (पांचवी कड़ी )
                                                                 अभी तक आप लोगों ने ओरछा महामिलन की दो दिवसीय कार्यक्रम में तुंगारण्य में वृक्षारोपण कार्यक्रम तक पढ़ा।  अब सभी ओरछा अभ्यारण्य में स्थित पचमढ़िया पहुँच चुके थे।  पचमढ़िया ओरछा अभ्यारण्य के अंदर स्थित पुराने राजशाही  ज़माने की पांच छोटे-छोटे मंदिर है , जिन्हें स्थानीय भाषा में मढिया कहा जाता है।  पांच मढिया होने के कारण इस स्थान का नाम पचमढ़िया पढ़ा।  ये मढिया जामनी  नदी की एक धार में बने टापूओं  पर बनी है।  वैसे पूरा ओरछा अभ्यारण्य भी बेतवा और जामनी नदी के  संगम  पूर्व बने टापू में ही बना है।  इस अभ्यारण्य में पुराने ज़माने के शिकारगाह भी बने है।  जहाँ कभी राजा अपने सिपाहियों के साथ डेरा डा…