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जब नक्सली क्षेत्र में बम बने हम (गुप्तेश्वर नाथ धाम यात्रा भाग -1)

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व्हाट्स एप ग्रुप " घुमक्कड़ी दिल से "  में पटियाला वासी श्री सुशिल कुमार जी ने एक नई श्रृंखला प्रारम्भ की " छुपा हीरा ( Hidden places)" इसी श्रृंखला में बिहार के आरा (भोजपुर जिला ) के रहने वाले श्री संजय कुमार सिंह जी ने सासाराम के पास गुप्तेश्वर नाथ धाम जिसे स्थानीय लोग "गुप्ता बाबा " के नाम से जानते है , का परिचय ग्रुप में कराया । अब चूँकि मैं भी बिहार के बक्सर जिले का मूल निवासी हूँ, और आरा और सासाराम हमारे पडोसी जिले है , तो मैंने संजय जी से गुप्ता धाम चलने की चरचा की , तो उन्होंने बताया कि वहां यात्रा सिर्फ सावन और फागुन के महीनों में ही होती है । मेरी तो बांछे खिल गयी (शरीर में जहाँ भी होती हो ) , क्योंकि 16 जुलाई 2016 को मेरे पुत्र की मूल पूजा (सताईसा) करने मुझे घर आना ही था । खैर 20 जुलाई से सावन का महीना शुरू हो रहा था । व्हाट्स एप्प पर ही संजय जी से चर्चा हुई और 22 जुलाई को सासाराम में मिलने का तय हुआ । 11 जुलाई को मैं सपरिवार ओरछा से अपनी कार से  बक्सर अपने घर आया । 16 जुलाई को बारिश के बीच सताईसा का कार्यक्रम संपन्न हुआ । अभी तक घर में मैंने …

रायप्रवीण : जिसके आगे अकबर को भी झुकना पड़ा ( ओरछा गाथा भाग - 3 )

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मित्रों अभी तक आपने ओरछा गाथा के प्रथम दो भागों पर जो रूचि दिखाई और मुझ खाकसार का उत्साहवर्धन किया , मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है । तो अभी तक हमने माँ बेतवा से ओरछा के उत्थान से लेकर रामराजा के आगमन की कथा जानी , अब उसके आगे की कथा माँ के शब्दों में ही ..
महराज मधुकर शाह की आठ संताने थी । बड़े पुत्र रामशाह अकबर के दरबार में बुंदेलखंड के प्रतिनिधि के तौर पर आगरा में थे । मधुकर शाह जू के निधन के बाद दूसरे पुत्र इंद्रजीत सिंह ओरछा की राजगद्दी पर बैठे । तीसरे पुत्र वीरसिंह को दतिया के पास बडौनी का जागीरदार बनाया गया । इसी तरह अन्य पुत्रों को भी जागीरदार बनाया गया । खैर  हम वापिस ओरछा लौटते है । ओरछा के राजगुरु के पद पर हिंदी के महान कवि रस सिद्ध आचार्य श्री केशवदास जी को बनाया गया । खैर हम बात करेंगे ओरछा की उस जन नायिका राय प्रवीण की , जो न केवल उस वक़्त सम्पूर्ण बुंदेलखंड बल्कि आगरा दरबार में अपने अप्रतिम सौंदर्य के कारण हर व्यक्ति के दिलोदिमाग में बसी थी । इतिहास में कई रूपसियो सह प्रेमिकाओं की चर्चा होती है । शकुंतला, आम्रपाली , करुवाकि, मालविका ,कुमारदेवी, ध्रुवस्वामिनी, संयोगिता,…