रविवार, 27 सितंबर 2009

हर घर में रावण छिपा है !!

कितने पुतले जलाओगे, हर घर में रावण छिपा है
कितनी बार आग लगाओगे, हर पग पर तम जाल बिछा है
एक्पुतला जल जाने से, सारा पाप नही मर जाता
पुतले में आग लगाने से , हर नर राम नही बन जाता
जब होगा अहम् , तब तक रावण नही मरेगा
अहम् ब्रम्हास्मि मार्के भी रावण यही कहेगा
स्वार्थ, ईर्ष्या, घृणा, पाप चारो और यही मचा है
कितने पुतले जलाओगे हर घर में रावण छिपा है ।
हर दिन सीता का अपहरण हो रहा है
पुलिस प्रशासन कुम्भकरण सो रहा है
गीध जटायु मूक बनके सब छिपा है
कितने पुतले.................................
आज रावण एक नही , उसके रूप कई है
अन्याय , अत्याचार के बाद भी वह सही है
मारते मारते रावण को आज राम थक जायेंगे
इतने रावण है की कई राम भी न मार पाएंगे
कितने पुतले जलाओगे , हर घर में रावण छिपा है
कितनी बार आग लगाओगे , हर पग पर तम जाल बिछा

मित्रो आप को विजय दशमी की हार्दिक शुभकामनाये । जैसा की हम जानते है की विजय दशमी बुराई
पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है । हम भारतीय ढोंग ज्यादा करते है, मतलब हम जो त्यौहार मानते है उनमे सन्देश तो बहुत अच्छे होते है , मगर वो सिर्फ लिखने कहने के लिए ही होते है । उन पर हम अमल करने की कंजूसी करते है । ऐसा क्यों ? हम इतने दोगले क्यों है ? सिर्फ परंपरा निर्वाह के लिए ही हम पर्व-त्यौहार कब तक मानते रहेंगे ?
मेरी ये बातें हो सकता है कुछ लोगो को जरुर बुरी लग सकती है ! मगर मुझे नादाँ समझ कर क्षमा करे क्योंकि सच यही है । जो कड़वा है । आप अपनी प्रतिक्रिया से जरुर अवगत कराये ताकि मुझे पता चल सके की मैं कितना सही और गलत हूँ ।
जय जय .......

6 टिप्‍पणियां:

  1. BURA MANNE KI KOI BAAT NAHI, AAPNE KADWA SUCH LIKHA HAI. SAHI BAAT HAI KI KEWAL UPDESHON AUR ACHHE SANDESHON SE HI KYA HONE WALA HAI. THODA SA BADLAV APNE AAP MEIN LANA HOGA, DHONG CHHOD KAR VASTVIKTA KO SWIKAR KARNA HOGA. PAR UPDESH KUSHAL BAHUTERE. KUCHH TO HUM AMAL KAREN, MATRA WAH WAH KARNE SE BHI KYA HOGA. AAPNE ACHHA LIKHA HAI BANDHU.

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  2. छिपा नहीं
    हर घर में रावण बसा है
    दिल में
    मन में
    व्यवहार में
    देखो रावण सजा है
    अब तो मान लो
    राम की भी यही रजा है।

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  3. बिल्कुल सही कहाँ आपने ।। कुछ गलत विचारधाराये हमारे जेहन में कूट कूट कर भर गया है जिसे हम निकाल नही पाते ।

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  4. खुश हैं सब लोग, मर गया रावण..!!
    खुश है रावण, वो जी रहा है सब में ..!!

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ab apki baari hai, kuchh kahne ki ...

orchha gatha

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