गुरुवार, 2 जुलाई 2009

एक रोचक आन्दोलन

ब्लोग्स्कार,
इतिहास बहुत लोगो को बोर करता है, इसलिए इतिहास का छात्र होने के नाते सोचा की आप लोगो को इतिहास की कुछ रोचक जानकारियो से रु-ब-रु करू । इसी श्रंखला की पहली कड़ी में मैं आपको सविनय अवज्ञा आन्दोलन की कुछ रोचक जानकारियां देना चाहता हूँ। जी हाँ , वही सविनय अवज्ञा आन्दोलन जिसमे गाँधी जी ने दांडी यात्रा करते हुए नमक कानून तोडा था । इस आन्दोलन में गाँधी जी के कहने पर सारे देश में लोगो ने स्वदेशी वस्त्र अपनाना शुरू कर दिया । लेकिन एक रोचक घटना बिहार की छपरा जेल में हुई , वहां कैदियो ने अंग्रेजो द्वारा दिए विदेशी वस्त्रो को पहनने से इनकार कर दिया और निर्णय किया की जब तक उन्हें देशी वस्त्र नही दिए जायेंगे तब तक वे नंगे ही रहेंगे । जी हाँ वे कैदी देशी वस्त्र मिलने तक कई दिनों तक नंगे रहे , जब उन्हें देशी वस्त्र मिले तभी उन्होंने कपड़े पहने । इसे इतिहास में नंगी हड़ताल के नाम से जाना जाता है ।
तत्कालीन गवर्नर जनरल लार्ड इर्विन से हुए समझौते के अनुसार गाँधी जी एस -राजपुताना जहाज से द्वितीय गोलमेज सम्मलेन में भाग लेने लन्दन के लिए रवाना हुए , गाँधी जी अपने साथ एक बकरी ले गये थे, क्योंकि वे गाय और भैंस का दूध न पीने का संकल्प लिए थे । और दूसरी और इसी सम्मलेन में भाग लेने हिंदू महासभा की और से पंडित मदन मोहन मालवीय जी अपने साथ एक बड़े से कलश में गंगा जल और अलग चूल्हा ले गए थे , ताकि वे अपवित्र न हो जाए । इतिहास करो ने इसे शिव की बारात कहा था ।
इस तरह के इतिहास में कई रोचक प्रसंग है , जो सामान्यतः लोगो की जानकारी में नही है , अगर आपकी अच्छी प्रतिक्रियाए मिलती है , तो आगे भी मैं इसी तरह इतिहास के कई रोचक पहलुओ को आपसे रु-ब -रु करता रहूँगा ।
खैर सविनय अवज्ञा आन्दोलन ने अंग्रेजो की नाक में दम कर दिया था , इसकी गवाही धरसना की महिलायों के साहस से पता चलता है । आज इतना ही बाकि अगली बार के लिए ..............जय जय

4 टिप्‍पणियां:

  1. मुझे भी इतिहास पढना अच्‍छा नहीं लगता .. पर आपका लेखन पसंद आया .. आप रोचक घटनाओं को प्रस्‍तुत करें .. मुझे इंतजार रहेगा।

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  2. अच्छी व जानकारि से भरा हुआ लेख।आपका लेखन पसंद आया ..

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  3. रोचक..रोचक..रोचक और रोचक है ।

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  4. Hi Friends
    I like these poems so much. Actually it seems very interesting that someone who have this kind of feeling i mean who thinks about our country nation, society and culture is still here. Such kind of poems really touched my soul. These are reallyyyyy soooooo nice.

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ab apki baari hai, kuchh kahne ki ...

orchha gatha

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